कशीपुर की एक ओंकार ग्लोबल एकेडमी में टीचर ट्रेनिंग वर्कशॉप आयोजित

शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों एवं प्रभावी अध्यापन के गुर बताए

काशीपुर (कशीपुर वार्ता)। एक ओंकार ग्लोबल एकेडमी में शिक्षकों के ज्ञान एवं शिक्षण कौशल को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से टीचर ट्रेनिंग वर्कशॉप का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विद्यालय के समस्त शिक्षकों ने प्रतिभाग करते हुए शिक्षण प्रक्रिया को बेहतर बनाने से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर जानकारी प्राप्त की।
वर्कशॉप के दौरान शिक्षकों को विद्यार्थियों के साथ प्रभावी संवाद स्थापित करने, कक्षा-कक्ष में बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने तथा आधुनिक शिक्षण पद्धतियों को अपनाने पर जोर दिया गया। साथ ही विद्यार्थियों की व्यक्तिगत क्षमताओं एवं आवश्यकताओं को समझते हुए उन्हें सीखने के लिए प्रेरित करने के विभिन्न तरीकों पर भी चर्चा की गई। कार्यशाला में शिक्षकों ने प्रशिक्षण से संबंधित विषयों पर अपने विचार एवं अनुभव साझा किए। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा के बदलते स्वरूप के साथ शिक्षकों का निरंतर प्रशिक्षण आवश्यक है। शिक्षक यदि नई तकनीकों एवं आधुनिक शिक्षण विधियों से अपडेट रहें तो विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य जॉनसन ने कहा कि शिक्षकों के व्यावसायिक विकास के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाना विद्यालय की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने शिक्षकों से कार्यशाला में प्राप्त जानकारी को अपने दैनिक अध्यापन में प्रयोग करने का आह्वान किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य जॉनसन ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए योग्य एवं प्रशिक्षित शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि विद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ शिक्षकों के कौशल विकास पर भी निरंतर ध्यान दे रहा है। कार्यशाला में विद्यालय के समस्त शिक्षक एवं शिक्षिकाएं मौजूद रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को नई शिक्षण पद्धतियों से परिचित कराकर विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास को और अधिक प्रभावी बनाना रहा।

शिक्षकों का सतत प्रशिक्षण गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की मजबूत नींव : सुखविंदर सिंह

काशीपुर (कशीपुर वार्ता)। ओंकार ग्लोबल एकेडमी के चेयरमैन सुखविंदर सिंह ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर बदलाव हो रहे हैं। ऐसे में शिक्षकों का समय-समय पर प्रशिक्षण बेहद आवश्यक है। शिक्षक जितना अधिक नई शिक्षण पद्धतियों, तकनीकों और आधुनिक शैक्षणिक दृष्टिकोण से परिचित होंगे, विद्यार्थियों को उतना ही बेहतर एवं प्रभावी ज्ञान प्रदान कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम तक सीमित शिक्षा देना नहीं, बल्कि उनके व्यक्तित्व, सोचने की क्षमता, आत्मविश्वास और रचनात्मक प्रतिभा का विकास करना भी है। इसके लिए शिक्षक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। सुखविंदर सिंह ने कहा कि टीचर ट्रेनिंग वर्कशॉप शिक्षकों को अपने अनुभव साझा करने और नई कार्यशैली सीखने का अवसर प्रदान करती है। विद्यालय भविष्य में भी शिक्षकों के कौशल विकास के लिए ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा। उन्होंने सभी शिक्षकों से प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान को कक्षा-कक्ष में व्यवहारिक रूप से लागू करने का आह्वान किया।

👁 1,091 Views

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *