जीडी गोयंका पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्या मधुमिता बनर्जी को ‘एसडीजी विजनरी – स्कूल लीडर’ सम्मान

सतत विकास की दिशा में उत्कृष्ट नेतृत्व के लिए दिल्ली में ग्लोबल सस्टेनेबिलिटी अवार्ड्स-2026 में हुईं सम्मानित

काशीपुर (काशीपुर वार्ता)। जीडी गोयंका पब्लिक स्कूल, काशीपुर के लिए यह अत्यंत गौरव और हर्ष का क्षण है कि विद्यालय की सम्मानित प्रधानाचार्या मधुमिता बनर्जी को विद्यालय समुदाय में सतत विकास एवं पर्यावरण के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने और उत्कृष्ट नेतृत्व प्रदान करने के लिए दिल्ली में आयोजित ग्लोबल सस्टेनेबिलिटी अवार्ड्स-2026 में प्रतिष्ठित ‘एसडीजी विजनरी – स्कूल लीडर’ सम्मान से सम्मानित किया गया। यह सम्मान सतत विकास लक्ष्यों के प्रति उनकी दूरदर्शी सोच, प्रेरणादायी नेतृत्व तथा शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक और सार्थक बदलाव लाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उनका नेतृत्व विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक उत्तरदायित्व और एक बेहतर भविष्य के निर्माण के प्रति जागरूकता विकसित करने की दिशा में प्रेरणास्रोत है। कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण भारत की पहली महिला पैरालंपिक पदक विजेता डॉ. दीपा मलिक और कवि एवं फिल्म निर्माता विनीत के. के. एन. पंछी के बीच हुई प्रेरणादायी बातचीत रही। इस दौरान डॉ. दीपा मलिक ने अपने जीवन के संघर्षों, उपलब्धियों और असाधारण यात्रा के अनुभव साझा किए। उनके साहस, दृढ़ संकल्प और कभी हार न मानने वाले जज़्बे ने उपस्थित जनसमूह को प्रेरित किया। उनकी जीवनगाथा ने यह संदेश दिया कि दृढ़ इच्छाशक्ति और आत्मविश्वास के सामने कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती।

विद्यालय की को-एमडी रिशिता सक्सेना अग्रवाल ने दी बधाई

काशीपुर (काशीपुर वार्ता)। मधुमिता बनर्जी की इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर विद्यालय की को-मैनेजिंग डायरेक्टर (को-एमडी) रिशिता सक्सेना अग्रवाल ने प्रधानाचार्या मधुमिता बनर्जी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उनका दूरदर्शी नेतृत्व शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने, विद्यार्थियों को सतत विकास के प्रति जागरूक बनाने तथा एक अधिक हरित, जिम्मेदार और टिकाऊ भविष्य के निर्माण के लिए निरंतर प्रेरित करता रहेगा। जीडी गोयंका पब्लिक स्कूल, काशीपुर परिवार के लिए यह उपलब्धि न केवल गर्व का विषय है, बल्कि विद्यालय की प्रगतिशील सोच, सामाजिक उत्तरदायित्व और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के प्रति समर्पण का भी प्रतीक है। यह सम्मान विद्यालय समुदाय को सतत विकास के लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु और अधिक उत्साह एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने की प्रेरणा प्रदान करता है।

 

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