रावण के पुतला निर्माण कार्यशाला में बच्चों ने सीखे रचनात्मकता और टीमवर्क के गुर
काशीपुर (काशीपुर वार्ता)। दशहरा पर्व के उपलक्ष्य में स्ट्रैटन वर्ल्ड स्कूल में रावण निर्माण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस आयोजन के माध्यम से बच्चों को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से रूबरू कराने के साथ-साथ दशहरा पर्व के धार्मिक एवं नैतिक महत्व से भी परिचित कराया गया।
कार्यशाला के दौरान विद्यालय की विभिन्न कक्षाओं के विद्यार्थियों ने मिलकर रावण का पुतला तैयार किया। इस गतिविधि में बच्चों ने न केवल अपनी कलात्मक क्षमता का प्रदर्शन किया, बल्कि आपसी सहयोग, सामूहिक प्रयास और टीमवर्क का महत्व भी सीखा। शिक्षकों के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ पुतला निर्माण की प्रक्रिया में हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि दशहरा पर्व बुराई पर अच्छाई, असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। रावण के पुतले का दहन कर विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि जीवन में बुराइयों का त्याग कर सत्य, सदाचार और सकारात्मक विचारों को अपनाना चाहिए। पुतला दहन के साथ ही कार्यशाला का समापन उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ।
इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक हरप्रीत सैनी एवं सह-निदेशक शिरीन सैनी ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और विद्यालय के समस्त स्टाफ को दशहरे की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि त्योहार हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा हैं और इनके माध्यम से बच्चों में अच्छे संस्कार एवं नैतिक मूल्यों का विकास होता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में दया, ईमानदारी, साहस और सच्चाई को अपनाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही विद्यालय परिवार के सभी सदस्यों के सुख, समृद्धि, खुशहाली और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
दशहरा हमें सत्य, सदाचार और अच्छाई के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है : हरप्रीत कौर
काशीपुर (काशीपुर वार्ता)। स्ट्रैटन वर्ल्ड स्कूल की ओर से दशहरा पर्व के अवसर पर आयोजित रावण निर्माण कार्यशाला को लेकर हरप्रीत कौर ने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने के साथ-साथ उनमें रचनात्मकता, सहयोग और नैतिक मूल्यों का विकास करते हैं। रावण का पुतला तैयार करने जैसी गतिविधियों से बच्चों को सामूहिक कार्य करने और अपनी प्रतिभा को निखारने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि दशहरा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि बुराई पर अच्छाई, असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। विद्यार्थियों को इस पर्व से प्रेरणा लेते हुए अपने जीवन में ईमानदारी, दया, साहस और सच्चाई जैसे गुण अपनाने चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों का दायित्व केवल शिक्षा देना ही नहीं, बल्कि बच्चों को संस्कारवान और जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है। उन्होंने सभी को दशहरे की शुभकामनाएं देते हुए सुख, शांति, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।




