धनतेरस पर आयोजित धार्मिक अनुष्ठान में भारतीय संस्कृति, वैदिक परंपराओं और नैतिक मूल्यों के संरक्षण का दिया संदेश
काशीपुर (काशीपुर वार्ता)। भारतीय संस्कृति एवं वैदिक परंपराओं के संरक्षण और विद्यार्थियों में आध्यात्मिक चेतना के साथ नैतिक मूल्यों का विकास करने के उद्देश्य से धनतेरस के पावन अवसर पर डीडीएम डीएवी पब्लिक स्कूल, काशीपुर में श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुए इस धार्मिक अनुष्ठान में विद्यार्थियों एवं विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पुरोहित आईडी पंत द्वारा वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ किया गया। इसके पश्चात विधि-विधान से हवन-यज्ञ संपन्न कराया गया। इस दौरान विद्यार्थियों एवं उपस्थित शिक्षकों ने यज्ञकुंड में आहुतियां अर्पित कर सभी के सुख, शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। वैदिक मंत्रों से गुंजायमान विद्यालय परिसर का वातावरण भक्तिमय हो उठा। इस अवसर पर विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं और वैदिक संस्कारों के महत्व से परिचित कराया गया। कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें जीवन में अनुशासन, सदाचार, सेवा, परोपकार और सकारात्मक विचारों को अपनाने की प्रेरणा दी गई। विद्यालय का यह आयोजन विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने की दिशा में एक सार्थक पहल साबित हुआ। हवन-यज्ञ का समापन विधिवत पूर्णाहुति के साथ हुआ। अंत में सभी के सुखमय, स्वस्थ एवं मंगलमय जीवन की कामना की गई। इस अवसर पर अमित नेगी, धर्मराज बिष्ट, उमेश शर्मा, सपिन्दरजीत कौर, एसपी मौर्या, समता भटनागर सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे। विद्यालय परिवार की ओर से सभी को धनतेरस एवं दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं भी प्रेषित की गईं।
प्रधानाचार्य डॉ. एसके चौबे ने दिया संस्कारों और प्रदूषणमुक्त दीपावली का संदेश
काशीपुर (काशीपुर वार्ता)। डीडीएम डीएवी पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ. एसके चैबे, समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और श्रद्धाभाव से यज्ञ में सहभागिता कर आहुतियां अर्पित कीं। वैदिक मंत्रोच्चार से विद्यालय परिसर आध्यात्मिक वातावरण से गुंजायमान हो उठा। इस अवसर पर प्रधानाचार्य डॉ. एसके चैबे ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए धनतेरस एवं दीपावली के धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि धनतेरस केवल धन और समृद्धि का पर्व नहीं है, बल्कि यह आरोग्यता, शुभता और मंगलमय जीवन का भी संदेश देता है। वहीं दीपावली का पर्व अंधकार पर प्रकाश, असत्य पर सत्य और अज्ञान पर ज्ञान की विजय का प्रतीक है। ये पर्व हमें सकारात्मक सोच, सद्भाव और जीवन में अच्छे संस्कारों को अपनाने की प्रेरणा देते हैं। प्रधानाचार्य ने विद्यार्थियों से भारतीय संस्कृति एवं वैदिक परंपराओं से जुड़े रहने का आह्वान करते हुए त्योहारों को आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाने की अपील की। उन्होंने सुरक्षित एवं प्रदूषणमुक्त दीपावली मनाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि त्योहारों की वास्तविक खुशी केवल स्वयं प्रसन्न रहने में नहीं, बल्कि दूसरों के जीवन में भी खुशियां बांटने में निहित है।




