राष्ट्रीय खेल दिवस पर केपीसी संस्थापक महोत्सव में दिखा प्रतिभा और उत्साह का संगम

बास्केटबॉल-एथलेटिक्स के साथ चित्रकला, बुकमार्क व रंगोली में दिखी रचनात्मकता

काशीपुर (कशीपुर वार्ता)। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर कृष्णा पब्लिक कॉलेजिएट (केपीसी), काशीपुर में आयोजित केपीसी संस्थापक महोत्सव-2026 के तीसरे दिन खेल, कला और सृजनात्मकता का शानदार संगम देखने को मिला। खेल मैदान में विद्यार्थियों ने बास्केटबॉल एवं एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में दमखम दिखाया, वहीं चित्रकला, बुकमार्क निर्माण और रंगोली प्रतियोगिताओं में अपनी कल्पनाशीलता और कलात्मक प्रतिभा से दर्शकों को प्रभावित किया।
कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता एवं उत्तराखंड एथलेटिक्स सलेक्शन कमेटी के अध्यक्ष विजेंदर चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं का अवलोकन कर प्रतिभागी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया और उनके प्रदर्शन की सराहना की। बास्केटबॉल एवं एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और ऊर्जा के साथ प्रतिभाग किया। मैदान पर खिलाड़ियों के बीच रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। जीत के लिए विद्यार्थियों ने पूरी क्षमता से प्रयास किया, साथ ही प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ियों के प्रति सम्मान और खेल भावना का परिचय दिया।

खेल गतिविधियों के साथ आयोजित चित्रकला, बुकमार्क निर्माण और रंगोली प्रतियोगिताओं में भी विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा देखने को मिली। चित्रकला में विद्यार्थियों ने रंगों के माध्यम से अपनी कल्पनाओं को आकार दिया, जबकि बुकमार्क निर्माण में कलात्मक कौशल और अभिनव सोच दिखाई दी। रंगोली प्रतियोगिता में रंगों, आकृतियों और पारंपरिक कला का आकर्षक समन्वय देखने को मिला। फेस्टिवल की विशेष ‘संस्थापक लीग’ के तहत विभिन्न प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों एवं सदनों के प्रदर्शन के आधार पर अंक दिए जा रहे हैं। खेलों के साथ रचनात्मक प्रतियोगिताओं के परिणाम भी समग्र अंक व्यवस्था में शामिल किए जा रहे हैं। इससे सदनों के बीच प्रतिस्पर्धा और रोमांच लगातार बढ़ रहा है। अब महोत्सव का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण चरण शेष है। 31 अगस्त को आयोजित भव्य समापन समारोह में ‘संस्थापक चुनौती’, विद्यार्थियों के रचनात्मक कार्यों की ‘संस्थापक प्रदर्शनी यात्रा’ और सम्मान समारोह प्रमुख आकर्षण होंगे। नगर के गणमान्य अतिथियों एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशिष्ट व्यक्तियों की उपस्थिति में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। केपीसी संस्थापक महोत्सव का तीसरा दिन यह संदेश दे गया कि यह आयोजन केवल खेल अथवा शैक्षणिक प्रतियोगिताओं तक सीमित नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की खेल, कला, सृजनात्मकता और नेतृत्व क्षमता को एक मंच देने वाला बहुआयामी उत्सव है। अब सभी की निगाहें 31 अगस्त को होने वाले भव्य समापन और ‘संस्थापक चुनौती’ पर टिकी हैं।

खेल जीवन में जीतना और हार के बाद फिर उठना सिखाते हैं: विजेंदर चौधरी

काशीपुर (कशीपुर वार्ता)। अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता एवं उत्तराखंड एथलेटिक्स समिति के अध्यक्ष विजेंदर चौधरी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन में अनुशासन, धैर्य, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास की भावना विकसित करने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने के लिए प्रतिभा के साथ कठिन परिश्रम, नियमित अभ्यास और लक्ष्य के प्रति समर्पण जरूरी है। विद्यार्थियों को कम उम्र से ही किसी न किसी खेल से जुड़ने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि जीत-हार की चिंता किए बिना प्रत्येक खिलाड़ी को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा, “मैदान पर मिली हार भी खिलाड़ी की जीत की यात्रा का हिस्सा होती है। जो विद्यार्थी हार के बाद फिर उठकर प्रयास करता है, वही आगे चलकर बड़ी सफलता हासिल करता है।” उन्होंने केपीसी संस्थापक महोत्सव में खेलों के साथ रचनात्मक गतिविधियों को शामिल किए जाने की भी सराहना की।

खेल और रचनात्मक गतिविधियां शिक्षा को बनाती हैं व्यापक : डॉ. अनिल कुमार सक्सेना

काशीपुर (कशीपुर वार्ता)। विद्यालय के अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार सक्सेना ने राष्ट्रीय खेल दिवस पर विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि खेल और रचनात्मक गतिविधियां शिक्षा को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रहने देतीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करती हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक रूप से सक्षम बनाना नहीं, बल्कि उन्हें शारीरिक, मानसिक, रचनात्मक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना भी है। खेल विद्यार्थियों में अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता विकसित करते हैं, जबकि कला एवं सृजनात्मक गतिविधियां उनकी कल्पनाशक्ति और अभिव्यक्ति को नया आयाम देती हैं। उन्होंने कहा कि केपीसी संस्थापक महोत्सव विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने और उसे निखारने का अवसर प्रदान कर रहा है। उन्होंने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रतियोगिता में भाग लेना ही सफलता की पहली सीढ़ी है और प्रत्येक विद्यार्थी को पूरे उत्साह एवं सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

प्रतिभाओं को मंच देना ही फाउंडर्स फेस्टिवल की मूल भावना: प्रतीक गोयल

काशीपुर (कशीपुर वार्ता)। विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रतीक गोयल ने कहा कि केपीसी संस्थापक महोत्सव की मूल भावना विद्यार्थियों की विविध प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें एक सशक्त मंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी की अपनी अलग रुचि, क्षमता और प्रतिभा होती है और विद्यालय का दायित्व है कि उसे अपनी योग्यता प्रदर्शित करने के लिए पर्याप्त अवसर मिले। उन्होंने कहा कि फाउंडर्स फेस्टिवल में खेलों के साथ चित्रकला, बुकमार्क निर्माण और रंगोली जैसी गतिविधियों को शामिल करने का उद्देश्य विद्यार्थियों की रचनात्मकता, कल्पनाशक्ति और आत्मविश्वास को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा, “खेल का मैदान हो या कला का मंच, प्रत्येक स्थान विद्यार्थी को कुछ नया सीखने और स्वयं को बेहतर बनाने का अवसर देता है। फाउंडर्स फेस्टिवल इसी व्यापक सोच का उत्सव है।” उन्होंने कहा कि प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थी स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, टीम भावना, अनुशासन और नेतृत्व के गुण सीख रहे हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को आगामी समापन समारोह के लिए शुभकामनाएं दीं।

 

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