पांचवीं बार विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में शामिल हुए जिपर के चेयरमैन डॉ. एके सक्सेना

स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की सूची में मिली जगह, फार्मास्यूटिकल रिसर्च के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान

काशीपुर (काशीपुर वार्ता)। जसपुर रोड स्थित ग्लोबल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (जिपर) के चेयरमैन डॉ. अनिल कुमार सक्सेना ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा और शोध क्षमता का परचम लहराया है। अमेरिका की प्रतिष्ठित स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा जारी विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में डॉ. सक्सेना को पांचवीं बार स्थान मिला है। उनकी इस उपलब्धि से संस्थान सहित फार्मास्यूटिकल शिक्षा एवं अनुसंधान जगत में हर्ष का माहौल है।

शोध और वैज्ञानिक योगदान के आधार पर मिली पहचान

स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से जारी यह सूची वैज्ञानिकों के शोध कार्यों और अकादमिक योगदान के आधार पर तैयार की जाती है। डॉ. सक्सेना का चयन बायोमॉलिक्यूलर एवं ऑर्गेनिक केमिस्ट्री सहित संबंधित शोध क्षेत्रों में उनके उल्लेखनीय योगदान को रेखांकित करता है। फार्मास्यूटिकल रिसर्च के क्षेत्र में उन्होंने लंबे समय से सक्रिय भूमिका निभाई है और अपने शोध कार्यों के माध्यम से वैज्ञानिक जगत में विशिष्ट पहचान बनाई है। डॉ. सक्सेना को भारत में फार्मास्यूटिकल रिसर्च के अंतर्गत क्वांटिटेटिव स्ट्रक्चर-एक्टिविटी रिलेशनशिप (QSAR) तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी योगदान के लिए जाना जाता है। वह लखनऊ स्थित केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान (सीडीआरआई) में प्रिंसिपल साइंटिस्ट एवं मुख्य वैज्ञानिक के पद पर भी कार्य कर चुके हैं। सिंथेटिक और बायोलॉजिकल केमिस्ट्री के क्षेत्र में उनके शोध कार्यों का उल्लेखनीय योगदान रहा है। उनके नाम 300 से अधिक वैज्ञानिक शोधपत्र और 72 पेटेंट होने की जानकारी संस्थान की ओर से दी गई है।

कई प्रतिष्ठित सम्मानों से हो चुके हैं सम्मानित

डॉ. सक्सेना की वैज्ञानिक उपलब्धियों के लिए उन्हें अलेक्जेंडर वॉन हम्बोल्ट फेलोशिप, इंडियन नेशनल साइंस एकेडमी (आईएनएसए) यंग साइंटिस्ट मेडल और रैनबैक्सी अवार्ड सहित कई प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। पिछले वर्ष उन्हें सीईजीआर की ओर से लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड तथा नई दिल्ली में क्लासिक टाइम्स अवार्ड से भी सम्मानित किए जाने की जानकारी दी गई है।

काशीपुर में फार्मेसी शिक्षा और अनुसंधान को दे रहे बढ़ावा

डॉ. अनिल कुमार सक्सेना ने वर्ष 2009 में काशीपुर के जसपुर रोड पर ग्लोबल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (जिपर) की स्थापना की थी। संस्थान का उद्देश्य फार्मेसी शिक्षा के साथ-साथ अनुसंधान गतिविधियों को बढ़ावा देना है। वर्तमान में यहां बी.फार्मा, डी.फार्मा और एम.फार्मा के पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। संस्थान के माध्यम से विद्यार्थियों को फार्मास्यूटिकल शिक्षा और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। संस्थान के सचिव डॉ. आरूणि सक्सेना ने कहा कि डॉ. अनिल कुमार सक्सेना का पांचवीं बार विश्व के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में शामिल होना संस्थान के लिए गौरव की बात है। उनकी उपलब्धि ने न केवल जिपर, बल्कि भारतीय फार्मास्यूटिकल शिक्षा एवं अनुसंधान को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है।

जिपर और केपीसी संस्थान परिवार ने दी बधाई

डॉ. सक्सेना की इस उपलब्धि पर संस्थान के निदेशक डॉ. दीपक तेवतिया, बी.फार्मा विभागाध्यक्ष डॉ. शिशिर नंदी, डी.फार्मा विभागाध्यक्ष अरुण कुमार, डॉ. सरफराज अहमद, डॉ. रंजना, डॉ. गायत्री जोशी, मुनीर आलम, स्वाति टम्टा, अंजलि नेगी, सहजाद अंसारी, हर्ष शारदा, संध्या धारकिया, मीनल ठाकुर, अभीतुल पचौरी, मो. शाहनूर, आशिया, कुलदीप सिंह, राहुल कुमार, साकिब, फरीद अहमद, माहीनूर, शहनवाज सहित संस्थान के समस्त शिक्षक एवं कर्मचारियों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वहीं, कृष्णा पब्लिक कॉलेजिएट के प्रधानाचार्य प्रतीक गोयल, शिक्षकगण एवं समस्त स्टाफ ने भी डॉ. सक्सेना की उपलब्धि पर बधाई और शुभकामनाएं दी। प्रधानाचार्य प्रतीक गोयल  प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे उनकी निरंतर मेहनत, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और शोध के प्रति समर्पण का परिणाम बताया।

 

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