एक ओंकार ग्लोबल अकेडमी में किशोर स्वास्थ्य एवं प्रजनन जागरूकता कार्यशाला आयोजित

डॉ. नवप्रीत सहोता ने प्रजनन स्वास्थ्य और स्वच्छता पर किया जागरूक, डॉ. रवि सहोता ने मानसिक-भावनात्मक बदलावों को समझने का दिया संदेश

काशीपुर (काशीपुर वार्ता)। किशोरावस्था जीवन का ऐसा महत्वपूर्ण पड़ाव है, जिसमें सही जानकारी, सकारात्मक सोच और उचित मार्गदर्शन बच्चों के स्वस्थ भविष्य की नींव रखते हैं। इसी उद्देश्य से एक ओंकार ग्लोबल अकेडमी में किशोर स्वास्थ्य एवं प्रजनन जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. नवप्रीत सहोता तथा शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि सहोता ने विद्यार्थियों को किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक बदलावों के प्रति जागरूक किया। स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. नवप्रीत सहोता ने विद्यार्थियों को प्रजनन स्वास्थ्य, यौवनावस्था में होने वाले हार्मोनल बदलावों तथा व्यक्तिगत स्वच्छता के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किशोरावस्था में शरीर में होने वाले बदलाव एक स्वाभाविक प्रक्रिया हैं। इन बदलावों को लेकर मन में झिझक या भ्रम रखने के बजाय सही और वैज्ञानिक जानकारी प्राप्त करनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वच्छता संबंधी अच्छी आदतें अपनाने, स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने तथा किसी भी समस्या या जिज्ञासा के समाधान के लिए योग्य चिकित्सक से परामर्श लेने के लिए प्रेरित किया। वहीं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि सहोता ने किशोरावस्था में होने वाले मानसिक एवं भावनात्मक बदलावों, तनाव और आत्मविश्वास के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस उम्र में भावनाओं में उतार-चढ़ाव आना स्वाभाविक है। ऐसे समय में बच्चों को अपनी भावनाओं को समझने, सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने और जरूरत पड़ने पर अभिभावकों, शिक्षकों अथवा विशेषज्ञों से खुलकर बात करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया पर मिलने वाली भ्रामक स्वास्थ्य संबंधी जानकारियों से बचने और विश्वसनीय स्रोतों पर भरोसा करने का संदेश भी दिया।

विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास विद्यालय की प्राथमिकता : सुखविंदर सिंह

काशीपुर (काशीपुर वार्ता)। विद्यालय के चेयरमैन सुखविंदर सिंह ने कहा कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करना भी इसका महत्वपूर्ण उद्देश्य है। ऐसी कार्यशालाएं बच्चों की जिज्ञासाओं का समाधान करने, उनमें आत्मविश्वास विकसित करने और उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदार बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति सजग रहने तथा सही निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया गया। विद्यालय की इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को जागरूक, आत्मविश्वासी और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में आगे बढ़ाना है। कार्यक्रम के अंत मे चेयरमैन सुखविंदर सिंह ने डॉ. नवप्रीत सहोता और डॉ. रवि सहोता का आभार व्यक्त किया।

 

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