सीबीएसई के विशेषज्ञों ने शिक्षकों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता की उपयोगिता और आधुनिक शिक्षण तकनीकों से कराया रूबरू
काशीपुर (काशीपुर वार्ता)। डीएवी पब्लिक स्कूल में 31 अक्टूबर को क्षमता संवर्धन कार्यक्रम (कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम) के अंतर्गत कक्षा शिक्षण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस-एआई) के प्रयोग विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. संतोष कुमार चौबे एवं आमंत्रित विशेषज्ञों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में सीबीएसई द्वारा नियुक्त रिसोर्स पर्सन डॉ. टीकम सिंह एवं अंशु अरोरा ने विशेषज्ञ वक्ता के रूप में प्रतिभाग किया। उन्होंने शिक्षकों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विभिन्न पहलुओं की जानकारी देते हुए शिक्षा के क्षेत्र में इसके बढ़ते महत्व, उपयोगिता और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। विशेषज्ञों ने बताया कि एआई के प्रभावी उपयोग से शिक्षण पद्धति को अधिक सरल, रोचक, प्रभावशाली और विद्यार्थियों की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाया जा सकता है। सेमिनार के दौरान शिक्षकों को कक्षा-कक्ष में एआई के व्यावहारिक उपयोग, शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक आकर्षक बनाने तथा आधुनिक तकनीकों के माध्यम से विद्यार्थियों की रचनात्मकता, तार्किक क्षमता और कौशल विकास को प्रोत्साहित करने के महत्वपूर्ण तरीके बताए गए। साथ ही नई तकनीकों को शिक्षण प्रक्रिया से जोड़ने के विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा की गई। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में डीएवी पब्लिक स्कूल, काशीपुर के अलावा डीएवी पब्लिक स्कूल, बाजपुर, सनफ्लावर पब्लिक स्कूल, जसपुर तथा डीएवी पब्लिक स्कूल, रुद्रपुर के 60 से अधिक शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। विभिन्न गतिविधियों, संवाद और विचार-विमर्श के माध्यम से शिक्षकों ने अपने ज्ञान एवं अनुभवों को साझा किया तथा एआई आधारित शिक्षण की नई संभावनाओं को समझा। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को नवीनतम तकनीकी विकास से जोड़ना तथा कक्षा शिक्षण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के सकारात्मक, सुरक्षित और प्रभावी उपयोग के लिए सक्षम बनाना रहा। सेमिनार शिक्षकों के लिए ज्ञानवर्धक, उपयोगी एवं प्रेरणादायक साबित हुआ।
बदलते शैक्षिक परिवेश में शिक्षकों का तकनीकी रूप से दक्ष होना जरूरी : डॉ. संतोष कुमार चौबे
काशीपुर (काशीपुर वार्ता)। डीएवी पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ. संतोष कुमार चौबे ने कहा कि वर्तमान दौर में शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहे हैं। ऐसे में शिक्षकों के लिए आधुनिक तकनीकों और नवीनतम शिक्षण पद्धतियों का ज्ञान होना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि क्षमता संवर्धन जैसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों के ज्ञान, कौशल और कार्यक्षमता को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) जैसी आधुनिक तकनीकें शिक्षण प्रक्रिया को अधिक सरल, रोचक और प्रभावी बना सकती हैं। शिक्षकों को इन तकनीकों की उपयोगिता समझते हुए इन्हें सकारात्मक रूप से कक्षा शिक्षण में अपनाना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को बदलते समय की आवश्यकताओं के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा सके।




