“सेवा ही धर्म” का संदेश: कृष्णा पब्लिक कॉलेजिएट के रक्तदान शिविर में उमड़ा जनसैलाब

थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए जुटाया गया रक्त, शिक्षा के साथ सामाजिक सरोकारों की मिसाल बना विद्यालय

काशीपुर (काशीपुर वार्ता)। शिक्षा के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए कृष्णा पब्लिक कॉलेजिएट, काशीपुर द्वारा गुरुवार को विद्यालय परिसर में एक विशाल एवं सफल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। प्रातः 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक चले इस शिविर में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए रक्तदान किया और मानव सेवा के इस महायज्ञ में अपनी सहभागिता दर्ज कराई। शिविर का मुख्य उद्देश्य थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों के लिए रक्त संग्रह करना था। थैलेसीमिया एक गंभीर आनुवंशिक बीमारी है, जिसमें मरीजों को नियमित रूप से रक्त चढ़ाने की आवश्यकता होती है। ऐसे बच्चों के जीवन को सुरक्षित और बेहतर बनाने के उद्देश्य से विद्यालय ने इस सामाजिक सरोकार से जुड़े अभियान को अपनी जिम्मेदारी मानते हुए आयोजित किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के संरक्षक एवं अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार सक्सेना के सानिध्य में हुआ। डॉ. सक्सेना सीएसआईआर-सीडीआरआई के पूर्व एमेरिटस वैज्ञानिक तथा केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान, लखनऊ के पूर्व मुख्य वैज्ञानिक एवं विभागाध्यक्ष रह चुके हैं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि समाज के प्रति संवेदनशीलता ही सच्ची शिक्षा का आधार है और रक्तदान जैसे कार्य मानवता की सर्वोच्च सेवा हैं। इस अवसर पर मुख्य अतिथि खंड शिक्षा अधिकारी, काशीपुर धीरेन्द्र कुमार साहू ने विद्यालय की सराहना करते हुए कहा कि “कृष्णा पब्लिक कॉलेजिएट ने यह साबित कर दिया है कि विद्यालय केवल शिक्षा प्रदान करने वाले संस्थान नहीं होते, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के सशक्त माध्यम भी बन सकते हैं। रक्तदान जैसा पुनीत कार्य अन्य शैक्षणिक संस्थानों के लिए भी प्रेरणास्रोत है।”
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश सचिव गौरव चौधरी ने कहा कि “रक्तदान महादान है। जब कोई शैक्षणिक संस्थान समाज को इस दिशा में जागरूक करता है तो वह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना का आंदोलन खड़ा करता है।”

विशिष्ट अतिथि एवं वरिष्ठ दंत चिकित्सक डॉ. सोढ़ी ने चिकित्सकीय दृष्टिकोण से रक्तदान के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि “थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों के लिए समय पर रक्त उपलब्ध होना जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर तय करता है। आज रक्तदान करने वाला प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी बच्चे के जीवन का रक्षक बना है।” कार्यक्रम में युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष सरिम सैफी तथा शिक्षक संघ के सचिव मनोज कौशिक भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। दोनों अतिथियों ने विद्यालय की सामाजिक प्रतिबद्धता और जनहितकारी पहल की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी बताया। रक्तदान शिविर में युवाओं, शिक्षकों, अभिभावकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति और रक्तदान के प्रति उत्साह ने यह स्पष्ट कर दिया कि काशीपुर की जनता सामाजिक सेवा और मानवीय मूल्यों के प्रति अत्यंत जागरूक एवं संवेदनशील है।

शिविर का सफल समन्वय विद्यालय के शिक्षक एवं इवेंट कोऑर्डिनेटर गोविंद राम द्वारा किया गया। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम का संचालन जसपुर ब्लड सेंटर, जसपुर तथा आध्यात्मिक चेतना संस्थान, बाजपुर के सहयोग से किया गया। अंत में विद्यालय प्रबंधन ने सभी रक्तदाताओं, अतिथियों एवं सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के आयोजन का संकल्प दोहराया। रक्तदान शिविर ने यह संदेश दिया कि यदि शिक्षा और सामाजिक सेवा का समन्वय हो जाए तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन की नई इबारत लिखी जा सकती है।

शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य समाज सेवा की भावना विकसित करना : प्रतीक गोयल

काशीपुर (कशीपुर वार्ता)। कृष्णा पब्लिक कॉलेजिएट के प्रधानाचार्य प्रतीक गोयल ने रक्तदान शिविर की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी रक्तदाताओं, अतिथियों, चिकित्सकीय टीमों एवं आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि उनमें मानवीय मूल्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व और सेवा भाव का विकास करना भी है। प्रधानाचार्य प्रतीक गोयल ने कहा, “हमारा विश्वास है कि शिक्षा तभी सार्थक होती है जब वह समाज के काम आए। इस रक्तदान शिविर के माध्यम से हम अपने छात्रों को यह संदेश देना चाहते हैं कि जीवन में सफलता के साथ-साथ सेवा भावना भी उतनी ही आवश्यक है। समाज के प्रति संवेदनशीलता और जरूरतमंदों की सहायता का भाव ही एक अच्छे नागरिक की पहचान है।” उन्होंने कहा कि विद्यालय द्वारा आयोजित यह रक्तदान शिविर मानवता की सेवा के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। साथ ही उन्होंने संकल्प व्यक्त किया कि भविष्य में भी विद्यालय सामाजिक जागरूकता, स्वास्थ्य सेवा, पर्यावरण संरक्षण तथा जनकल्याण से जुड़े ऐसे कार्यक्रमों का नियमित आयोजन करता रहेगा।

मानवता की सेवा ही शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य : डॉ. अनिल कुमार सक्सेना

काशीपुर (कशीपुर वार्ता)। रक्तदान शिविर के अवसर पर विद्यालय के अध्यक्ष एवं प्रख्यात वैज्ञानिक डॉ. अनिल कुमार सक्सेना ने समाज सेवा के महत्व पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि विज्ञान और मानव सेवा का अंतिम उद्देश्य मानवता का कल्याण है। उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों की भूमिका केवल विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान प्रदान करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उन्हें समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का भी निर्वहन करना चाहिए। डॉ. सक्सेना ने कहा, “विज्ञान हो या समाज सेवा, दोनों का एक ही लक्ष्य है—मानवता की भलाई। उन्होंने अपने लंबे वैज्ञानिक अनुभव का उल्लेख करते हुए कहा कि एक वैज्ञानिक के रूप में उन्होंने सदैव महसूस किया है कि ज्ञान तभी सार्थक होता है जब उसका उपयोग समाज और मानव कल्याण के लिए किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक सहयोग और सामाजिक प्रतिबद्धता के कारण यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। डॉ. सक्सेना ने संकल्प व्यक्त किया कि कृष्णा पब्लिक कॉलेजिएट भविष्य में भी रक्तदान, स्वास्थ्य जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण तथा अन्य जनहितकारी गतिविधियों के माध्यम से समाज सेवा के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाता रहेगा।

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