
मुख्य अतिथि अंतराष्ट्रीय एथलीट विजेंद्र चौधरी एवं अंतरराष्ट्रीय पॉवर लिफ्टर राजीव चौदरी ने सराहा आयोजन
किसानों की मेहनत पर आधारित कार्यक्रम रहे आकर्षण का केंद्र

कशीपुर (काशीपुर वार्ता)। होली एंजेल पब्लिक स्कूल में आज सोमवार को बैशाखी पर्व बड़े ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में उत्तराखंड एथलीट सलेक्शन कमेटी के चेयरमैन विजेंदर चौधरी एवं अंतराष्ट्रीय पॉवर लिफ्टर, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। इस अवसर पर विद्यायलय के अकेडमिक डॉयरेक्टर/ प्रधानाचार्य सुबोध कुमार सिंह ने दोनों मुख्य अतिथियों का बुके भेंट कर एवं शॉल ओढ़ाकर गर्मजोशी से स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने मंच पर रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया। विशेष रूप से कक्षा 1 से 5 तक के नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रमों ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से किसान की महत्ता और उसकी ‘अन्नदाता’ की भूमिका को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया। कार्यक्रम में किसानों की मेहनत, फसल उत्पादन और उनके योगदान को रचनात्मक रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसे उपस्थित लोगों ने खूब सराहा।। गीत-संगीत, भांगड़ा और नृत्य की प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। पूरे आयोजन ने बैशाखी के सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। अंत में सुबोध कुमार सिंह ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए समस्त स्कूल स्टाफ की सराहना कर सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावक और गणमान्य व्यक्तियों ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए तालियों से उनका उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक, गणमान्य व्यक्ति, अभिभावक और स्थानीय किसान बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
अंतरराष्ट्रीय एथलीट, मुख्य अतिथि अतिथि विजेंदर चौधरी ने कहा कि उत्तर भारत में बैशाखी का पर्व विशेष महत्व रखता है। यह पर्व रबी की फसल के तैयार होने पर किसानों द्वारा ईश्वर के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि इसी दिन सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोविंद सिंह जी ने आनंदपुर साहिब में खालसा पंथ की स्थापना की थी, जिसने सिख समुदाय को नई पहचान प्रदान की।

अंतरराष्ट्रीय पॉवर लिफ्टर, मुख्य अतिथि राजीव चौधरी ने बच्चों के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह स्वयं एक किसान परिवार से हैं और बच्चों द्वारा बैशाखी पर्व के माध्यम से किसानों की मेहनत को मंच पर प्रस्तुत करना अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों में सांस्कृतिक जागरूकता और समाज के प्रति सम्मान की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद देते हुए विद्यालय और अभिभावकों को भी बधाई दी।

अकेडमिक डॉयरेक्टर/प्रधानाचार्य सुबोध कुमार सिंह ने कहा कि बैशाखी का यह पावन पर्व हमें मेहनत, समर्पण और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का संदेश देता है। हमारे नन्हे विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से जिस सुंदर तरीके से किसानों के महत्व को दर्शाया, वह बेहद सराहनीय है। हम सभी को अपने संस्कारों और परंपराओं को संजोकर आगे बढ़ना चाहिए।


