डॉ. यशपाल सिंह रावत के नेतृत्व में अस्पताल ने 26वें वर्ष में रखा कदम, शहरवासियों ने दी शुभकामनाएं

काशीपुर (काशीपुर वार्ता)। नगर के प्रतिष्ठित चामुंडा हॉस्पिटल एवं लेप्रोस्कॉपी सेंटर प्राइवेट लिमिटेड ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अपने सफलतम 25 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं। इस गौरवपूर्ण अवसर पर अस्पताल के स्वामी एवं वरिष्ठ सर्जन डॉ. यशपाल सिंह रावत को शुभचिंतकों, मरीजों और शहरवासियों ने हार्दिक बधाइयां एवं शुभकामनाएं दीं।

रामनगर रोड स्थित यह अस्पताल वर्ष 2002 में स्थापित हुआ था। स्थापना के समय से ही अस्पताल ने अपने उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं, आधुनिक तकनीकों और समर्पित चिकित्सकों की टीम के बल पर क्षेत्र में एक मजबूत पहचान बनाई है। डॉ. यशपाल सिंह रावत, जो कि एक अनुभवी जनरल एवं लेप्रोस्कोपिक सर्जन हैं, के साथ उनकी स्वर्गीय पत्नी डॉ. गीता रावत (फिजिशियन) ने भी प्रारंभिक वर्षों में महत्वपूर्ण योगदान दिया। अस्पताल की सफलता के पीछे वरिष्ठ फार्माशिष्ट विनोद भट्ट, राम सिंह रावत और पूरन सिंह बिष्ट सहित पूरी टीम का समर्पण भी प्रमुख रहा है, जिन्होंने इसे निरंतर प्रगति की राह पर आगे बढ़ाया। चामुंडा हॉस्पिटल में 24 घंटे चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हैं।

यहां विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम मरीजों को उच्चस्तरीय उपचार प्रदान कर रही है। अस्पताल में जनरल सर्जरी, लेप्रोस्कोपी, ऑर्थोपेडिक्स, स्त्री एवं प्रसूति रोग, रेडियोलॉजी, पैथोलॉजी, यूरोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी सहित अनेक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं।

अस्पताल से जुड़े चिकित्सकों में डॉ. पी.के. छाबड़ा (पैथोलॉजिस्ट), डॉ. सुरेंद्र सिंह तोमर (एनेस्थीसिया), डॉ. विनय उपाध्याय (सर्जन), डॉ. आर.के. सुंदरियाल (ऑर्थो विशेषज्ञ), डॉ. इशा रावत (सर्जन), डॉ. सुरभि सिंह (स्त्री रोग विशेषज्ञ), डॉ. गिरीश टॉक (रेडियोलॉजिस्ट), डॉ. मयंक अग्रवाल (यूरो सर्जन), डॉ. पीएम त्यागी (प्लास्टिक सर्जन) सहित कई अनुभवी चिकित्सक अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अस्पताल की विशेषता केवल आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं ही नहीं, बल्कि मरीजों के प्रति अपनापन और संवेदनशील व्यवहार भी है। यहां आने वाले मरीजों का कहना है कि डॉक्टरों की सहज और मधुर भाषा शैली से ही आधा तनाव दूर हो जाता है, जो उपचार प्रक्रिया को और प्रभावी बनाता है।

आज 25 वर्षों की सफल यात्रा पूरी कर चामुंडा हॉस्पिटल 26वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। इस अवसर पर स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और मरीजों ने अस्पताल परिवार की सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
स्वास्थ्य सेवा ही सर्वोच्च धर्म : डॉ. यशपाल सिंह रावत

